प्राचीन श्री फल्क ऋषि मंदिर

फल्गु धर्मशाला का निर्माण गांव फरल में स्थित ऐतिहासिक फल्गु तीर्थ पर वर्ष 1930 में हुआ था। इसे कैथल जिले के गांव सेरहदा के सेठ शिवनंद राय ने अपने मानस पिता सेठ घासी राम की याद में बनवाया था। इसी धर्मशाला के बीच वर्ष 1951-56 के बीच श्री फल्क (फल्गु) ऋषि मंदिर का निर्माण हुआ।

उस समय धर्मशाला की देखभाल और मंदिर में पूजा-अर्चना करने की जिम्मेवारी किसी के द्वारा ना लेने की स्थिति में पंडित श्री जादो राम शर्मा जी ने 1956 में फल्गु ऋषि मंदिर में पूजा आराधनाऔर देखभाल का दायित्व उठाया। जिसे उन्होंने 4 जुलाई 1994 तक संभाले रखा। इसके बाद उनके सुपुत्र पंडित श्री जयगोपाल शर्मा  यह दायित्व संभाल रहे हैं।

पंडित श्री जयगोपाल शर्मा द्वारा लाखौरी ईंटों से बनी पुरानी पड़ चुकी धर्मशाला की छतें बदलवाने के साथ भीतरी दीवारों की लिपाई का कार्य भी संपन्न करवाया गया। इसके बाद जुलाई 2010-2011 तक फल्गु ऋषि मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य चलने के साथ सौंदर्यकरण भी हुआ। मंदिर परिक्रमा में हिंदू देवी-देवताओं सहित ऋषि जी की पत्नियों श्री सोमा, भोमा व गोमा की मूर्तियों की स्थापना की गई। 9 जुलाई 2011 को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित हुआ। जिस पर लगभग 9 लाख रुपए की राशि खर्च की गई। इसी क्रम में वर्ष 2019-20 में लगभग 5 लाख की राशी खर्च की गई । जिससे मंदिर परिक्रमा में भगवान विष्णु के दशावतार की मूर्तियों की स्थापना की गई है।28 जून 2020 को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित हुआ।

वर्तमान में श्री फल्क ऋषि मंदिर और धर्मशाला में पंडित श्री जयगोपाल शर्मा के साथ-साथ उनके सुपुत्र दिनेश शर्मा व मुकेश शर्मा भी देख-रेख सहयोग कर रहे हैं।

पंडित श्री जयगोपाल शर्मा
bt_bb_section_bottom_section_coverage_image

Phalgu Tirth

Falakivan, one of the seven forests of Kurukshetra, is the person of great virtue. Presently, this Falakivan is decorated and famous as Phalgu Tirtha.
Our Address:

Stay Connect with Us

^ Back to Top

@ 2021 Copyright by Phalgu Tirth. All rights reserved.

Phalgu Tirth

Falakivan, one of the seven forests of Kurukshetra, is the person of great virtue. Presently, this Falakivan is decorated and famous as Phalgu Tirtha.
Our Address:

Stay Connect with Us

^ Back to Top

@ 2021 Copyright by phalgutirth.co.in. All rights reserved.

error: Content is protected !!